अगर संपूर्ण विश्व में भारत की पहचान से जुड़े कुछ प्रतीकों को उल्लिखित करने की बात आए तो उसमें ताजमहल का नाम ऊपरी क्रम में होगा। निश्चित रूप से विश्व के आश्चर्य में गिने जाने वाले ताजमहल ने अपने निर्माण के समय से ही वैश्विक पर्यटकों में उत्सुकता जगा रखी है।

पर क्या इसके शासक की कहानी हम जानते हैं?

शाहजहां को मुगलकाल में कला और साहित्य को सर्वाधिक बढ़ावा देने वाला शासक माना जाता है। वस्तुतः इसे स्थापत्य कला का स्वर्णिम युग और भारतीय सभ्यता का समृद्ध काल माना जाता है। शाहजहां के पिता बादशाह ‘जहांगीर’ तो उनके दादा ‘सम्राट अकबर’ थे। अपने पिता की मौत के बाद कम उम्र में ही शाहजहां ने मुगल साम्राज्य का राजपाट संभाल लिया था।

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मात्र 21 साल की आयु तक ही शाहजहां ने काफी कुछ हासिल कर लिया और अपने साम्राज्य का विस्तार भी किया।

जनवरी 1592 को लाहौर में शाहजहां का जन्म हुआ था। इनके पिता के बारे में हम जानते ही हैं कि वह सम्राट जहांगीर थे, तो इनकी माता जगत गोसाई यानी ‘जोधाबाई’ थीं। कहा जाता है कि सम्राट अकबर द्वारा शाहजहां को गोद लिया गया था और उन्होंने ही इनकी परवरिश की। शुरुआत में दादा अकबर इन्हें शहजादा ‘खुर्रम’ कहा करते थे।

यह भी कहा जाता था कि शाहजहां और जहांगीर के रिश्ते मधुर नहीं थे, क्योंकि जहांगीर की पत्नी नूरजहां से उनकी नहीं बनती थी। बाद में अपने पिता से बगावत करके शाहजहां ने मुगल साम्राज्य का कार्यभार संभाला था। 1627 ईस्वी में जहांगीर की मौत हो गई थी और शाहजहां ने नूरजहां की चालों को विफल करते हुए मुगल साम्राज्य के दूसरे दावेदारों की हत्या करा दी थी।

इनमें दाबर बख्श, होसंकर, गुरुसस्प, शहरयार इत्यादि शामिल थे। शाहजहां के सबसे भरोसेमंद उसके ससुर आसिफ खान थे जिनकी मदद से उसने इस कार्य को अंजाम दिया था।

बहरहाल अपनी कूटनीति से 1628 से 1658 ईस्वी तक तकरीबन 30 सालों तक शाहजहां ने शासन किया। अपने शासनकाल में शाहजहां ने आगरा के ‘ताजमहल’ के साथ कई सारे निर्माण कराए और हिंदू मुस्लिम दोनों की परंपराओं को बढ़ाने का भी उन्हें श्रेय दिया जाता है। शाहजहां काल एक तरह से शांति का काल माना जाता है और ना केवल देश में बल्कि अपनी कूटनीति के चलते विदेशों… जिनमें फ्रांस, पुर्तगाल, इटली, इंग्लैंड जैसे देश शामिल हैं, उनसे भी शाहजहां का अच्छा संबंध स्थापित हो गया था।

1639 ईस्वी में शाहजहां द्वारा अपनी राजधानी को दिल्ली लाया गया जिसे शाहजहानाबाद नाम दिया गया। दिल्ली में जामा मस्जिद, लाल किला और दूसरी इमारतों का निर्माण शाहजहां के हाथों ही हुआ।

हालाँकि शाहजहां के काल में कई जगह पर विद्रोह भी हुए हैं जिनमें बुंदेलखंड का विद्रोह प्रमुख माना जाता है। इसके अलावा अफगान सरदार खाने – जहाँ लोदी द्वारा मालवा की सूबेदारी में भी विद्रोह भड़का। सिक्खों के गुरु हरगोविंद सिंह का विद्रोह शाहजहां के ही काल में हुआ। हालांकि इन सारी चीजों पर शाहजहां की बुद्धिमता भारी पड़ी।

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साल 1612 में खुर्रम यानी शाहजहां का विवाह आसिफ खान की पुत्री ‘आरजूमंद बनू बेगम’ यानी ‘मुमताज महल’ से हुआ था। ना केवल मुमताज महल बल्कि शाहजहां की और भी कई पत्नियां थीं, लेकिन वह इन्हें सबसे ज्यादा चाहते थे। कहा तो यहां तक जाता है कि जब अपने 14वें बच्चे को जन्म देते हुए ‘मुमताज ताजमहल’ की मृत्यु हो गई, तो उसके तकरीबन दो साल बाद तक शाहजहां शोक में रहे और तमाम ऐश-ओ -आराम छोड़ दिए थे। उन्हीं की याद में ताजमहल का निर्माण हुआ जिसे विश्व की तमाम इमारतों में सर्वाधिक भव्य और आकर्षक माना जाता है।

अपने दूसरे मुगल शासकों की तुलना में शाहजहां को एक सहिष्णु शासक के रूप में याद किया जाता है। हालांकि उसने अपने शासनकाल में इस्लाम को बढ़ावा दिया और शाहजहां के काल में ही गौ हत्या पर से बैन हटाया गया था। इतना ही नहीं, उस काल में मुस्लिम गुलाम रखने पर प्रतिबंध लगाया गया। इसी समय हिंदुओं की तीर्थ यात्रा पर कर भी लगा और कई हिंदू मंदिर तोड़े फोड़े गए।

हालांकि यह भी कहा जाता है कि अहमदाबाद में चिंतामणि मंदिर की मरम्मत कराए जाने की इजाजत भी शाहजहां के ही काल में मिली और उस के दरबार में जगन्नाथ, गंगा लहरी इत्यादि राज कवियों को उसने प्रश्रय दिया।

अपने जीवन के आखिरी दिनों में शाहजहां चाहता था कि उसका पुत्र ‘दारा शिकोह’ मुगल सिंहासन पर विराजमान हो लेकिन औरंगजेब ने शाहजहां के साथ वही किया जो उसने अपने पिता के साथ किया था।

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1658 में शाहजहां को आगरे के किले में औरंगजेब द्वारा कैद कर लिया गया था और अपने जीवन के आखिरी 8 साल शाहजहां द्वारा एक कैदी के रूप में गुजारा गया।

31 जनवरी 1666 को शाहजहां द्वारा इस दुनिया को अलविदा कह दिया गया और इस तरीके से स्थापत्य कला के स्वर्ण युग के नायक शाहजहां अपनी बनाई विश्व प्रसिद्ध इमारतों को छोड़कर इस दुनिया से रुखसत हो गया। आप इस बादशाह के बारे में क्या सोचते हैं कमेंट बॉक्स में अवश्य बताएं।

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